गुरुवार, 16 अप्रैल 2020

वाक्य


                  
                      वाक्य आ वाक्य भेद 
                                                                                     - डॉ. अरुणाभ सौरभ


परिभाषा:  सार्थक शब्दक एहन समूह, जेकर आशय पूर्णत:  स्पष्ट होइ, वाक्य कहल जाइत अछि |
वाक्य-भेद
वाक्यक वर्गीकरण दुइ  प्रकार सँ  कएल जा सकैत अछि-
1 अर्थक दृष्टि सँ
2 रचनाक दृष्टि सँ |
अर्थक दृष्टि सँ वाक्यक आठ भेद कएल जा सकैछ-
1 विधानवाचक वाक्य
2 निषेधवाचक वाक्य
3 आज्ञावाचक वाक्य
4 प्रश्नवाचक वाक्य
5 विस्मयवाचक वाक्य
6 संदेहवाचक वाक्य
7 इच्छावाचक वाक्य
8 संकेतवाचक वाक्य

1 विधानवाचक वाक्य - विधानवाचक वाक्य मे क्रियाक हेबाक अथवा ओकर प्रक्रियाक बोध होइत अछि |
उदाहरण- ओ घर जेतीह |
हम कहने रही जे ओ घर जरूरे जेतीह |
अजित जी मधुबनी जेताह ।

2 निषेधवाचक वाक्य  जाहि वाक्यमे कार्य नहि हेबाक भाव प्रकट होइत अछि, निषेधवाचक वाक्य कहल जाइत अछि |
उदाहरण-
हम भोजन नहि केलहुँ |
हाँ गाम नहि जा रहल छी|
3 आज्ञावाचक वाक्य – ओ वाक्य जकरा द्वारा कोनो प्रकारक आज्ञा देल जाइत हो, आज्ञावाचक वाक्य कहल जाइत अछि |
उदाहरण : सभ गोटे शांत भऽ जाउ |
         हाँ लोकनि बैस जाउ ।

4 प्रश्नवाचक वाक्य: ओ वाक्य जाहि मे प्रश्न कएल जाइत अछि, प्रश्नवाचक वाक्य
कहल जाइत अछि |
उदाहरण : अहाँ कोन पोथी पढि रहल छी?
         राजकमल चौधरी बेसी रुचैत अछि कि धूमकेतु?
         हाँक प्रिय कवि के छथि ?
5 विस्मयवाचक वाक्य: ओ वाक्य जाहि मे कोनो प्रकारक गहन अनुभूतिक प्रदर्शन कएल जाइत अछि, विस्मयादिवाचक वाक्य कहल जाइत अछि | हर्ष, शोक, विस्मय, आश्चर्य आदिक लेल एहि प्रकारक चिह्नक प्रयोग कएल जाइछ- (!)
उदाहरण : वाह ! कोसीक पानि साफ चकचक अछि |
         ओह ! कतेक ठंडा पानि अछि |
         बाप रे बाप एतेक बड्का सांप !
         आहिरे जीवकांत जी नहि रहलाह !
6 संदेहवाचक वाक्य: ओ वाक्य जाहि मे कोनो कार्य केर संदेहक बोध कराओल जाइत अछि, संदेहवाचक
 वाक्य कहल जाइत अछि | एहि मे संशय,संदेह आदिक स्थिति बनल रहैत अछि ।
उदाहरण : महेंद्र बाबू अओताह कि नहि ।
        चुन्नू जी काज केने हेताह कि नहि ?
        काल्हि साइत अशोक जी बोरिंग रोड चौराहा पर छलाह |
7 इच्छावाचक वाक्य: ओ वाक्य जाहि मे कोनो इच्छा, आकांक्षा या आशीर्वाद केर बोध कराओल जाइत अछि, इच्छावाचक वाक्य कहल जाइत अछि |
उदाहरण : नववर्ष मंगलमय होइ |
अपनेक दिन शुभ हुअए |
8 संकेतवाचक वाक्य: ओ वाक्य जाहि मे एक क्रियाक दोसर क्रिया पर निर्भर होयबाक बोध/संकेत होइ संकेतवाचक वाक्य कहल जाइत अछि | एहि वाक्य मे संकेतक बोध होयत अछि तेँ संकेतवाचक वाक्य
कहल गेल अछि |
उदाहरण : गोविंद बाबूक डेरा ओमहर छनि |
         एमहर आउ |
         रमानंद झा रमण जी ओमहर रहैत छथि ।
 अर्थक आधार पर वाक्य-परिवर्तन
वाक्यक अर्थ मे बिना कोनो तरहक परिवर्तन केने एक प्रकार सँ दोसर प्रकारक वाक्यमे परिवर्तित करनाय वाक्य-परिवर्तन कहल जाएत अछि।

विधानवाचक वाक्यक परिवर्तन
कुमार गगन नाटक खेलाय छ्थि ।
 १ - विधानवाचक वाक्य - कुमार गगन नाटक खेलाय छथि
२ - आज्ञावाचक वाक्य - कुमार गगन! नाटक खेलाओ ।
३ - निषेधवाचक वाक्य - कुमार गगन नाटक नहि खेलाय छथि ।
४ - प्रश्नवाचक वाक्य -  की कुमार गगन नाटक खेलाय छथि ?
५ - विस्मयादिवाचक वाक्य - वाह! कुमार गगन नाटक खेलाय छथि ।
६ - इच्छावाचक वाक्य – ओह कुमार गगन नाटक खेलैबतैथ !
७ -संदेहवाचक वाक्य - कुमार गगन नाटक खेलायत हेताह ।
८ - संकेतवाचक वाक्य – जौं कुमार गगन नाटक खेलाबथि तऽ दर्शकक कोनो कमी नहि रहत ।


रचनाक आधार पर/ रूपक आधार पर वाक्य भेद
रचनाक आधार पर वाक्यक तीन भेद कएल गेल अछि-
1.      सरल वाक्य
2.      संयुक्त वाक्य
3.      मिश्र वाक्य
सरल वाक्य- जाहि वाक्य मे एक पूर्ण क्रिया आ कर्त्ता रहए ताहि वाक्य केँ सरल वाक्य कहल जाइत अछि । यथा- गुफरान पोथी लिखि रहल छथि ।
       गोपाल गेलाह ।
        रामकुमार जी भोजन कऽ रहल छथि ।
संयुक्त वाक्य-  जाहि वाक्य मे दू वा दू सँ अधिक खण्डवाक्य रहए ताहि वाक्य केँ संयुक्त वाक्य कहल जाइत अछि । एहि वाक्यक प्रत्येक खण्ड वाक्य स्वतंत्र रहैछ । एहि वाक्यमे आ, , आओर, तथा, मुदा इत्यादि समानाधिकरण अव्यय अबैछ । अर्थात जाहि वाक्य मे सामान दरजाक अनेक उपवाक्य संयोजक सँ जोडल रहए ।
 यथा-  मुख्तार आलम कवि छथि मुदा ओ अध्यापक छथि ।
अभय बड्ड प्रतिभाशाली छथि मुदा घरक गरीब ।
एहि दुओ वाक्य मे दू स्वतंत्र खण्डवाक्य मुदासंयोजक द्वारा संयुक्त कएल गेल अछि ।
मिश्र वाक्य-  जाहि वाक्य मे दू वा दू सँ अधिक खण्डवाक्य रहए मुदा मुख्य खण्डवाक्य आ अन्य सहायक खण्डवाक्य हो ताहि वाक्य केँ मिश्र वाक्य कहल जाइत अछि । एहि वाक्य मे सहायक खण्डवाक्य संज्ञा, विशेषण आ क्रिया विशेषण खण्डवाक्य रहैछ । जे, जेना, तेना, जहिया, जतए, यदि, अथवा, जहन,जौं , यथा, तथा, अत: , अतएव इत्यादि संयोजक खण्डवाक्य केँ मिलबैछ ।
जौं वर्षा नहि भेल तऽ अकाल पडत ।
गुंजन श्री देखलनि जे मारिते रास दहीक छांछी राखल अछि ।
संयुक्त वाक्यमे दुओ उपवाक्य समकक्ष रहैत अछि, मिश्रवाक्य मे एक उपवाक्य प्रधान (मुख्य उपवाक्य) रहैत अछि आ दोसर अप्रधान ( आश्रित उपवाक्य) रहैत अछि ।
अरविंद अक्कू जे नाटककार छथि फुटानी चौक शीर्षक सँ नव नाटक लिखलनि !


1 टिप्पणी:

  1. बहुत नीक जानकारी। मैथिली ब्याकरण केर ज्ञान भ रहल अछि, नहु नहु

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